सैयद हसन नसरुल्लाह का वह अंतिम वाक्य यह था कि हम इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के लिए वही कहेंगे जो हमारे इमामों ने इससे पहले कहा ईश्वर

सैयद हसन नसरुल्लाह का वह अंतिम वाक्य यह था कि हम इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के लिए वही कहेंगे जो हमारे इमामों ने इससे पहले कहा ईश्वर

ईरान द्वारा इराक में उत्तर में आतंकवादियों के ठिकानों को लक्ष्य बनाना इस बात का सूचक है कि कुछ पश्चिमी देशों के विपरीत आतंकवाद से मुकाबले में इस्लामी गणतंत्र ईरान का दृष्टिकोण बिल्कुल साफ है और वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और सैनिक धमकी के मुकाबले में किसी प्रकार के संकोच से काम नहीं लेगा।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने इराक के उत्तर में आतंकवादियों के खिलाफ ईरान की कार्यवाही पर फ्रांस की चिंता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान ने पहले ही आतंकवादी गुटों की विध्वंसकारी गतिविधियों के बारे में बगदाद सरकार और क्षेत्र के इराकी कुर्द अधिकारियों को आवश्यक चेतावनी दे दी थी।

फ्रांस के विदेशमंत्रालय ने ईरान के संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के प्रक्षेपास्त्रिक हमले की प्रतिक्रिया में कहा था कि ईरान को चाहिये कि वह इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करे। साथ ही फ्रांस ने एक बार फिर ईरान के प्रक्षेपास्त्रिक कार्यक्रम पर चिंता जताई थी। फ्रांस की इस प्रतिक्रिया ने दिखा दिया कि आतंकवाद से मुकाबले में पश्चिम के दोहरे मापदंड हैं।

सीरिया में आतंकवाद से मुकाबले के नाम पर पश्चिमी देशों के क्रिया- कलापों को इसी दोहरे मापदंड के परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। पश्चिम विशेषकर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सीरिया में आतंकवादियों को अच्छे और बुरे दो गुटों में बांट कर अपने राजनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के प्रयास में हैं परंतु ईरान हर प्रकार के आतंकवाद का विरोधी है और इस संबंध में उसके कार्य पूरी तरह साफ हैं।

इस्लामी गणतंत्र ईरान ने सदैव आतंकवाद की भर्त्सना की है चाहे वह जहां और जिस रूप में रहा हो। वह दूसरे देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा में कुछ देशों की तरह दोहरा मापदंड नहीं अपना सकता।

ईरान ने इराकी और कुर्द अधिकारियों को बारमबार इन गुटों की विध्वंसकारी कार्यवाहियों के प्रति चेतावनी दी थी और आतंकवादियों के विरुद्ध कड़ा व्यवहार किये जाने का आह्वान किया था। इन सबके बावजूद इराक के उत्तर में स्थित आतंकवादियों ने इराक के कुर्दिस्तान प्रांत में 11 ईरानी नागरिकों को शहीद कर दिया।

आतंकवादियों को करारा जवाब देना और अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा हर देश का कानूनी अधिकार है और ईरान स्वयं आतंकवादी भेंट चढ़ा है और आतंकवाद से मुकाबले की वह अग्रिम पंक्ति में है इसलिए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा में वह किसी प्रकार के संकोच से काम नहीं लेगा।

टीवी सक्रीन पर एक घंटे के भाषण में अलग अलग विषयों की समीक्षा के बाद अंतिम क्षणों में सैयद हसन नसरुल्लाह ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बारे में एक वाक्य पढ़ना शुरू किया लेकिन वह इतने भावुक हो गए कि वाक्य पूरा न कर सके जबकि श्रोताओं ने नारा लगाना शुरू कर दिया।

सैयद हसन नसरुल्लाह का वह अंतिम वाक्य यह था कि हम इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के लिए वही कहेंगे जो हमारे इमामों ने इससे पहले कहा ईश्वर के निकट दुनिया की सबसे घटिया बात यह है कि....

सैयद हसन नसरुल्लाह इसके आगे नहीं बोल पाए। वह जो वाक्य कहना चाहते थे वह इतिहास का मशहूर वाक्य है कि ईश्वर के निकट दुनिया की सबसे घटिया बात यह है कि उसके रसूल की बेटी का पुत्र क़त्ल कर दिया जाए और उसकी बहन क़ैदी बना ली जाए।

इस वीडियो क्लिप पर सोशल मीडिया में लंबी चौड़ी बहस शुरू हो गई है।  


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