लेबनॉन ने बाहरी हस्तक्षेप को नहीं बर्दाश्त कियाः हिज़्बुल्लाह

लेबनॉन ने बाहरी हस्तक्षेप को नहीं बर्दाश्त कियाः हिज़्बुल्लाह

सआद हरीरी के त्यागपत्र का मक़सद हिज़बुल्लाह को नुक़सान पहुंचाना ही था, जिसमें शत्रु नाकाम हो गया है

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना : प्राप्त सूत्रों के अनुसार लेबनॉन हिज़्बुल्लाह की ओर से जारी होने वाली एक बयान में लेबनान के खिलाफ शत्रु देशों की ओर से की जाने वाली साज़िशों को नाकाम बनाने के लिए सरकार पर ज़ोर डाला गया कि वह जल्द ही अपने कार्यों को दोबारा शुरू करे, जिससे कि लेबनान संकट को समाप्त किया जा सके। हिज़्बुल्लाह के बयान में कहा गया कि लेबनान में फूट डालने और उसे कमजोर करने की कोशिश की नाकामी लेबनानी जनता की होशियारी के कारण है।
 जबकि लेबनानी जनता किसी भी ताक़त को अपने देश पर अपनी मनमर्जी करने का अधिकार नहीं देगी।
 ज्ञात रहे की लेबनान के प्रधानमंत्री सआद हरीरी ने 4 नवंबर को सऊदी अरब के दबाव में आकर रियाद में त्यागपत्र देने का ऐलान किया था, लेकिन 18 दिन के बाद वह वापस लौट आए हैं, और उन्होंने अपना त्यागपत्र वापस ले लिया है।
 दूसरी ओर सआद हरीरी के त्यागपत्र का मक़सद हिज़बुल्लाह को नुक़सान पहुंचाना ही था, जिसमें शत्रु नाकाम हो गया है।



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