पीड़ित रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हुए जघन्य अपराधों की समीक्षा के लिए कानूनी संस्था का गठन

पीड़ित रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हुए जघन्य अपराधों की समीक्षा के लिए कानूनी संस्था का गठन

ह्यूमन राइट्स वॉच ने एक बयान जारी करके घोषणा की है कि म्यांमार की सेना और चरमपंथी बौद्धों के हाथों रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार जैसे अपराधों की समीक्षा के लिए एक क़ानूनी संस्था का गठन शीघ्र ही किया जाएगा।

इर्ना की रिपोर्ट अनुसार ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपने बयान में कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों पर हुए अपराधों की समीक्षा के लिए जिस अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनी संस्था का जल्द ही गठन किया जा रहा है उसमें उन सभी दस्तावेज़ों को पेश किया जाएगा जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि म्यांमार की सेना और चरमपंथी बौद्धों ने इस देश के रोहिंग्या मुसलमानों का जनसंहार किया है और ऐसे अत्याचार किए हैं जिससे मानवता शर्मसार हुई है।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार के विशेष निरीक्षकों ने पिछले सप्ताह म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार और उनके ख़िलाफ़ हुए जघन्य अपराधों के बारे में एक रिपोर्ट जारी की थी। संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार की रिपोर्ट में म्यांमार के 5 सैन्य अधिकारियों सहित इस देश की सेना के कमांडर जनरल के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दुनिया के विभिन्न देशों ने रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार के अपराधियों के ख़िलाफ़ कड़ी क़ानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग की है। 


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