परमाणु टेस्ट द्वारा मानवता के ख़िलाफ़ अपराध को लेकर फ़्रांस के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय अदालत में मुक़द्दमा दायर

परमाणु टेस्ट द्वारा मानवता के ख़िलाफ़ अपराध को लेकर फ़्रांस के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय अदालत में मुक़द्दमा दायर

फ़्रांस के ख़िलाफ़ हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में परमाणु टेस्ट के ज़रिए मानवता के ख़िलाफ़ अपराध करने का मुक़द्दमा दायर हुआ है।

फ़्रांस पर पिछले तीन दशक के दौरान दक्षिण पेसिफ़िक महासागर में परमाणु टेस्ट के ज़रिए मानवता के ख़िलाफ़ श्रंख्लाबद्ध अपराध करने का इल्ज़ाम है।

फ़्रांसीसी मूल के पोलिनीज़ा के विपक्षी नेता ऑस्कर तेमारू ने हेग में दायर की गयी शिकायत में कहा है "सभी जीवित फ़्रांसीसी राष्ट्रपतियों को पोलिनीज़ा के ख़िलाफ़ परमाणु टेस्ट करने का दोषी माना जाए।"

पोलिनीज़ा दक्षिणी पेसेफ़िक महासागर में फ़्रांस का समुद्र पार क्षेत्र है।

ऑस्कर तेमारू ने संयुक्त राष्ट्र संघ में कहाः "ज़िम्मेदारी की भावना और दृढ़ता का परिचय देते हुए हमने मानवता के ख़िलाफ़ अपराध को लेकर 2 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में एक शिकायत दर्ज करायी है।"

उन्होंने कहाः "यह हमारी उन लोगों के प्रति ज़िम्मेदारी है जो परमाणु उपनिवेशवाद के नतीजे में मौत के मुंह में समा गए।"

ग़ौरतलब है कि फ़्रांस ने 1960 से 1996 के दौरान पोलिनीज़ा में 210 में से 193 परमाणु टेस्ट किए जिनके बारे में उसका दावा था कि ये टेस्ट नियंत्रित थे। उसने इन टेस्टों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले कुप्रभाव की ज़िम्मेदारी लेने से इंकार किया।

2013 को रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज़ों में इस बात का उल्लेख हुआ कि गुप्त तरीक़े से किए गए परमाणु टेस्ट के नतीजे में प्लूटोनियम की राख किस सीमा तक फैली थी।

इन दस्तावेज़ों के अनुसार, प्लूटोनियम की राख फ्रांस के अधीन पूरे पोलिनीज़ा में फैल गयी थी जबकि इससे पहले फ़्रांस ने जितने बड़े क्षेत्रफल पर इसकी राख फैलने की बात क़ुबूल की थी वह वास्तविक क्षेत्रफल से बहुत कम था।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

Arba'een
आशूरा: सृष्टि का राज़
सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज संदेश
We are All Zakzaky