नैटो प्रमुख का ईरान के ख़िलाफ़ नया पैंतरा

नैटो प्रमुख का ईरान के ख़िलाफ़ नया पैंतरा

पश्चिमी एशिया के इलाक़े की ज़मीनी सच्चाई को दोहरी नीतियों और दोहरे रवैए से बदला नहीं जा सकता इस्लामी गणतंत्र ईरान एक प्रभावशाली देश के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।

पश्चिमी एशिया के इलाक़े में ईरान को एक बड़ा ख़तरा ज़ाहिर करना और ईरानोफ़ोबिया फैलाकर अपने हित साधना पश्चिमी देशों की पुरानी नीति है इससे पता चलता है कि पश्चिम विशेष रूप से अमरीका इस इलाक़े में अलग अलग हथकंडे अपनाता रहा है।

इस समय यदि कोई भी देश या अधिकारी पश्चिमी एशिया के इलाक़े में ईरान की विध्वंसक भूमिका की बात करता है तो वह हक़ीक़त में सच्चाई से आंख मूंद रहा है और इस प्रकार के रवैए के मुख्य कारण पश्चिमी देशों की दोहरी नीतियां हैं। नैटो के जनरल सेक्रेट्री येन स्टोलटनबर्ग ने यह दावा किया है कि नैटो के सदस्य देशों को पश्चिमी एशिया के इलाक़े में ईरान की अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों पर चिंता है और इस चुनौती से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच इंटैलीजेन्स सहयोग जारी है।

इस भ्रामक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने कहा कि नैटो के महासचिव जो कुछ कह रहे हैं उसके बिलकुल विपतरी पश्चिमी एशिया और फ़ार्स खाड़ी के क्षेत्र में इस्लामी गणतंत्र ईरान की शांति व सुरक्षा की स्थापना के संबंध में सार्थक भमिका और सहयोग को विश्व समुदाय का बड़ा भाग स्वीकार करता है और यदि आतंकी संगठनों का मुक़ाबला ईरान न करता तो यूरोप के भी बहुत से शहर और देश अब तक अपना शांति और सुरक्षा से हाथ धो चुके होते।

इस बात में किसी संदेह की गुंजाइश ही नहीं है कि ईरान पश्चिमी एशिया के इलाक़े में सार्थिक भूमिका निभा रहा है। ईरान आतंकवाद की भेंट चढ़ने वाले देश के रूप में आतंकवाद का डटकर मुक़ाबला किया है और सीरिया तथा इराक़ को आतंकियों के चंगुल से बाहर निकालने के लिए सराहनीय भूमिका निभाई है। आतंकवाद के संबंध में ईरान की पारदर्शी नीतियों ने पूरे इलाक़े को शांति और सुरक्षा के मार्ग पर चलने में मदद दी है।

इसके विपरीत आतंकवाद के संबंध में पश्चिमी देशों और अरब देशों की नीतियों में पारदर्शिता की कमी है। जब ईरान के अहवाज़ नगर पर आतंकी हमला हुआ तो बहुत से अरब और पश्चिमी देशों के मुंह से इस हमले के लिए आतंकी हमले का शब्द नहीं निकल रहा था। इससे इन देशों का असली चेहरा सामने आता है। सऊदी अरब भी आतंकवाद के संबंध में हमेशा बड़ी विनाशकारी भूमिका निभाता रहा है। अमरीका के विख्यात विचारक नोआम चाम्स्की का कहना है कि वहाबी विचारधारा एक चरमपंथी विचारधारा है जो सऊदी अरब के शासकों के मन मे समाई हुई है और सऊदी सरकार पुरी दुनिया में यह विचारधारा फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर पैसे ख़र्च कर रही है जो बहुत ख़तरनाक चीज़ है।


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