दाइश के बारे में पश्चिम के दोहरे मानदंड

दाइश के बारे में पश्चिम के दोहरे मानदंड

आतंकवादी गुट दाइश के बारे में आज भी पश्चिम का रवैया, दोहरे मानदंडों पर आधारित है।

बहुत से जानकार इस बात को कहते आए हैं कि दाइश को अस्तित्व देने में पश्चिम की विशेष भूमिका रही है।  पश्चिम और कुछ अरब रुढ़ीवादी सरकारों के सहयोग से विश्व पटल पर एेसा ख़ूंख़ार आतंकवादी गुट सामने आया जिसने संसार में कई स्थानों पर हिंसक कार्यवाहियां अंजाम दीं।

इस आतंकी गुट ने हालिया कुछ वर्षों के दौरान सीरिया एवं इराक़ में जघन्य अपराध किये।  दाइश के बचे-खुचे तत्व अब भी इराक़ और सीरिया के कुछ क्षेत्रों में उपस्थित हैं जहां वे मौक़ा मिलते ही आतंकवादी कार्यवाही करने की कोशिश करते रहते हैं।  इन देशों में दाइश के तत्वों की उपस्थिति, न केवल इराक़ और सीरिया में बल्कि पूरे मध्यपूर्व में पश्चिम की सैन्य उपस्थिति का कारण बनी है।

जर्मनी के रक्षामंत्री ने जार्डन में दाइश के विरुद्ध संघर्ष पर बल दिया है।  उन्होंने शनिवार को जार्डन के पूर्व में मौजूद जर्मनी की सैनिक छावनी में कहा कि अब जबकि दाइश के आतंकी सैन्य दृष्टि से पराजित हो चुके हैं एेसे में उन्हें दूसरे स्थानों पर फैलने से रोका जाए।  जर्मनी, अमरीका के दाइश विरोधी गठबंधन का एक सदस्य है।  जर्मनी के सैनिक जार्डन में मौजूद हैं जहां से वे दाइश के विरुद्ध कार्यवाहियों में भाग लेते हैं।  नवंबर 2015 को पैरिस में हमले के बाद जर्मनी की संसद ने दाइश विरोधी अमरीकी गठबंधन में भाग लेने का निर्णय लिया था।  अब जर्मनी, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सैन्य कार्यवाहियां बढ़ाने का इच्छुक है।  इस समय वह संसार की बड़ी आर्थिक शक्तियों में से एक है।

कुछ समय पहले जर्मनी के आंतरिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख हान्स जार्ज माबिन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि आतंकवादी गुट दाइश ने यूरोप में आतंकवादी कार्यवाहियों पर अपना ध्यान केन्द्रित कर रखा है। उन्होंने कहा कि इराक़ और सीरिया में पराजित होने के बाद दाइश के तत्व अब यूरोप का रुख़ कर रहे हैं।  हान्स जार्ज माबिन ने कहा कि दाइश ने अब यूरोप को अपनी आतंकवादी कार्यवाहियों का केन्द्र बनाने का कार्यक्रम तैयार किया है। जर्मन के आंतरिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख ने कहा कि दाइश ने छोटे-छोटे गुटों में विभाजित होकर यूरोप में आतंकवादी कार्यवाहियों की योजना तैयार की है।  उन्होंने कहा कि इसमें दो राय नहीं है कि जर्मनी आतंकवादियों के निशाने पर है।  जानकारों का कहना है कि पश्चिमी देशों ने इराक़ और सीरिया में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के समर्थन और सहायता में किसी भी प्रकार का संकोच नहीं किया किन्तु अब दाइश के यूरोपीय तत्वों की वापसी ने उन्हें चिंतित कर दिया है।


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