ईरान विरोधी प्रतिबंधों का मुक़ाबला करने के लिए यूरोप की प्रतिबद्धता

ईरान विरोधी प्रतिबंधों का मुक़ाबला करने के लिए यूरोप की प्रतिबद्धता

ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री केरीन कैंसियल ने कहा है कि यूरोपीय संघ ईरान में सक्रीय यूरोपीय कंपनियों को होने वाली संभावित क्षति और पैसे के लेन-देन में आ रही रुकाटों और परेशानियों को दूर करने की भरपूर कोशिश कर रहा है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, ऑस्ट्रिया, जो वर्तमान में यूरोपीय संघ का अध्यक्ष देश है, उसकी विदेश मंत्री केरीन कैंसियल ने यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की मनमानी नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की मनमानी और ज़ोर ज़बरदस्ती वाली नीतियों के कारण पूरे विश्व में अशांति का माहौल उत्पन्न हो गया है।

ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री ने कहा कि, अब मामला क़ानून की स्थिरता और उसके वर्चस्व को बाक़ी रखने का हो गया है। उन्होंने कहा कि, जब मामला परमाणु समझौते या व्यापार के अंतर्राष्ट्रीय संगठन को जिसने स्वयं बनाया हो और वह ख़ुद ही निकल जाए तो अशांति और अस्थिरता तो पैदा होगी ही। केरीन कैंसियल ने अमेरिका के परमाणु समझौते से निकल जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि, ईरान के ख़िलाफ़ वॉशिंग्टन के प्रतिबंधों में यूरोपीय कंपनियों को शामिल करना पूरी तरह ग़लत और ग़ैर क़ानूनी है।

इस बीच स्पेन सरकार के प्रवक्ता स्बेल किला ने भी देश की संसद में कहा कि स्पेन, ईरान में सक्रीय देश की कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों से पहुंचने वाले नुक़सान से बचाने के लिए कटिबद्ध है और इस सबंध में हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई पाबंदियों का मुक़ाबला करने के यूरोपीय संघ के संकल्प का उनका देश पूरी तरह समर्थन करता है और यूरोपीय संघ द्वारा ईरान में सक्रीय यूरोपीय कंपनियों के बचाव में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करता है।

इस अवसर पर जर्मनी के वाणिज्य एवं ऊर्जा मंत्री पीटर अल्टेमाएर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि, ईरान में काम करने वाली यूरोपीय कंपनियों की रक्षा के लिए पूरा यूरोपीय संघ अमेरिका के मुक़ाबले में डटा हुआ है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान के मामले में यूरोप, अब अमेरिका के सामने नहीं झुकेगा।

वहीं ब्रिटेन में भी चैटम हाउस के डिप्टी डायरेक्टर साइमन फ़िरिज़र ने लंदन में अमेरिकी राजदीत वूडी जॉनसन के एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि, ब्रिटेन, ईरान के परमाणु समझौते की रक्षा करने वाले देशों में आगे-आगे है और वह अमेरिकी दबाव के आगे न झुकते हुए यूरोपीय देशों के साथ मिलकर ईरान हितों की रक्षा करेगा। ज्ञात रहे कि ब्रिटेन में अमेरिकी राजदूत वूडी जॉनसन ने ब्रिटिश सरकार से कहा था कि वह ईरान के परमाणु समझौते से वॉशिंग्टन के निकलने का समर्थन करे।


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