ईरान के बारे में अमरीकी रवैए पर रूस नाराज़ कहा तेहरान के हितों का सम्मान करना सीखे वाशिंग्टन

ईरान के बारे में अमरीकी रवैए पर रूस नाराज़ कहा तेहरान के हितों का सम्मान करना सीखे वाशिंग्टन

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि मास्को और वाशिंग्टन के बीच टकराव की आशंका लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि अमरीका अन्य देशों को परेशान करने के लिए डालर को हथकंडे के रूप में प्रयोग कर रहा है, ईरान के बारे में अमरीका का रवैया ग़ैर पेशावराना और ग़ैर यथार्थवादी है।

लावरोफ़ ने कहा कि ईरान कई हज़ार साल पुराने इतिहास और सभ्यता वाला देश है और इस देश की आबादी 75 मिलियन से अधिक है तथा किसी भी दूसरे देश की तरह उसके भी हित हैं।

लावरोफ़ ने मंगलवार की रात एक टीवी कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि अमरीका तो इलाक़े की सारी घातक समस्याओं का ज़िम्मेदार ईरान को समझता है अमरीका चाहता है कि ईरान का इलाक़े के किसी देश में कोई राजनैतिक प्रभाव न रहे इस तरह अमरीका ने ईरान के संबंध में एसी नीति अपनाई है जो अस्वीकार्य है।

लावरोफ़ ने कहा कि यह कैसे हो सकता है कि हज़ारों साल पुरानी सभ्यता और 75 मिलियन से अधिक आबादी वाले बड़े देश को उसकी सीमाओं के भीतर बंद कर दिया जाए? लावरोफ़ ने कहा कि ईरान के कुछ हित हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि क़तर का उदाहरण लिया जा सकता है जो इलाक़े के कई विवादों में मध्यस्थ की भूमिका निभाता है। अतः सबसे ज़रूरी बात यह है कि हम इन हितों को मान्यता दें। लावरोफ़ ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है कि जब हम एसा सम्मेलन आयोजित करना चाहते हैं जिसमें फ़ार्स खाड़ी सुरक्षा पर बात हो और इसमें इलाक़े के सभी अरब देश तथा ईरान भाग लें। इसमें ओआईसी, अरब लीग, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी हिस्सा लें मगर अब तक हमारे इस प्रस्ताव को अंधाधुंध ठुकराया जा रहा है और बस यही कहा जाता है कि ईरान बुराई का केन्द्र है।


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