ईरान के खिलाफ अमरीका और सऊदी अरब का संयुक्त ड्रामा

ईरान के खिलाफ अमरीका और सऊदी अरब का संयुक्त ड्रामा

अमरीकी विदेशमंत्रालय ने एक नया नाटक रचते हुए एलान किया है कि वह बसरा में अपना वाणिज्य दूतावास बंद कर रहा है।

अमरीका ने इस फैसले की वजह बताते हुए दावा किया है कि उसके कूटनयिकों को बसरा में खतरा है। इस दावे के साथ ही सऊदी अरब के विदेशमंत्री आदिल अलजुबैर ने भी ईरान पर मध्यपूर्व में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सऊदी अरब ईरान से मुक़ाबले के लिए  नयी अमरीकी रणनीति का समर्थन करता है।  इस्लामी सहयोग संगठन में ईरान के भूतपूर्व प्रतिनिधि, सबाह ज़ंगने  ने ईरान व इराक़ में हंगामों के लिए अमरीका और सऊदी अरब की संयुक्त योजना पर चर्चा करते हुए कहा है कि एेसे सुबूत मौजूद हैं जिनसे पता चलता है कि सऊदी, वाशिंग्टन के साथ सहयोग करके, कुछ गुटों की मदद से ईरान के खिलाफ कार्यवाही तेज़ कर  रहे हैं और इस बार वह ईरान के खिलाफ केवल नारे लगवाने पर संतुष्ट नहीं होंगे। अमरीका अपने कूटनयिकों के लिए खतरा बता कर एेसी दशा में बसरा में अपना वाणिज्य दूतावास खाली कर रहा है कि जब न्यूयार्क टाइम्ज़ ने लिखा है कि खर्चे कम करने के लिए इस वाणिज्य दूतावास को बंद करने की बात पिछले एक साल से चल रही है। अमरीका के ही समाचारपत्र  वॅाल स्ट्रीट जरनल ने तो यहां तक लिखा है कि इराक़ में अशांति के दौरान, बगदाद में अमरीकी दूतावास पर कई बार हमला हुआ लेकिन कभी उसे बंद करने का फैसला नहीं किया गया। 

यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि अमरीका यह सब कुछ ईरान पर नये नये आरोप लगाने के लिए कर रहा है।बसरा की साज़िश भी इसी उद्देश्य से तैयार की गयी है। 


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