इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने रूसी राष्ट्रपति को बताया कि अमरीका को किस तरह लगाम लगायी जा सकती है

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने रूसी राष्ट्रपति को बताया कि अमरीका को किस तरह लगाम लगायी जा सकती है

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने कहा है कि सीरिया के हालात और इस अरब देश में अमरीका की हार यह दर्शाती है कि वॉशिंग्टन को नियंत्रित किया जा सकता है।

यह बात उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन से हुयी मुलाक़ात के दौरान कही। रूसी राष्ट्रपति शुक्रवार को तेहरान में ईरान, रूस और तुर्की के शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए हुए थे। इस अवसर पर उन्होंने इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर से मुलाक़ात में कहाः "सीरिया के विषय पर ईरान रूस के बीच सहयोग आपसी सहयोग की बेहतरीन मिसाल है।"

उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि दोनों देश अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं, कहाः "इस तरह का एक मामला जिस पर दोनों पक्ष आपस में एक दूसरे से सहयोग कर सकते हैं वह अमरीका को नियंत्रित करने का मामला है, क्योंकि अमरीका इंसानियत के लिए ख़तरा है और उसे नियंत्रित करना मुमकिन है।"
आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने कहा कि सीरिया में अमरीका को वास्तविक हार हुयी और वह अपने लक्ष्य साधने में नाकाम रहा।

उन्होंने ईरान, रूस और तुर्की पर अमरीका की ओर से लगायी गयी पाबंदियों को तीनों देशों के बीच आपसी सहयोग को मज़बूत बनाने के लिए उचित पृष्ठिभूमि बताया और बल दिया कि तेहरान-मॉस्को राजनैतिक व आर्थिक संबंध विकसित करें और तेहरान शिखर सम्मेलन में हुए समझौते को व्यवहारिक बनाएं।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने इसी तरह डॉलर मुद्रा में व्यापार न करने के फ़ायदे पर भी बल दिया।

 

जेसीपीओए के वचन को योरोप ने पूरा नहीं कियाः आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई

 

इस मुलाक़ात में इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान बहुपक्षीय परमाणु समझौते जेसीपीओए के प्रति अब तक कटिबद्ध रहा है लेकिन "योरोपियों ने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं की और यह बात स्वीकार्य नहीं है कि हम जेसीपीओए के तहत अपना वचन पूरा करें और वे न करें।"

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने परमाणु समझौते के संबंध में रूसी राष्ट्रपति के व्यवहार की सराहना की और कहा कि इस्लामी गणतंत्र जेसीपीओए के संबंध में ऐसा रवैया अपनाएगा जिससे उसका राष्ट्रीय हित पूरा हो।

उन्होंने कहाः "इस्लामी गणतंत्र ईरान का प्रतिरोध और उसकी प्रगति इस बात की सफल मिसाल है कि अमरीका को नियंत्रित किया जा सकता है।"

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने यमनी जनता की दयनीय स्थिति और सऊदी अरब के हाथों के यमन के लोगों के जनसंहार की ओर इशारा करते हुए कहाः "सऊदी यमन में अपना लक्ष्य साधने में नाकाम रहेंगे और मज़बूत इरादे वाली यमनी जनता को नहीं झुका पाएंगे।"

रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन ने इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात में कहा कि राष्ट्रपति रूहानी से बातचीत बहुत सार्थक रही जिसमें सीरिया के हालात सहित आपसी हितों से जुड़े मामलों पर चर्चा हुयी।

पूतिन ने कहा कि दोनों देश आर्थिक व व्यापारिक क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में संबंध विस्तृत कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि योरोपियों ने इस बात का एलान तो किया है कि वह परमाणु समझौते को बाक़ी रखने के मार्गों की समीक्षा कर रहे हैं लेकिन वे अमरीका का अनुसरण कर रहे हैं क्योंकि योरोपीय देश वॉशिंग्टन पर निर्भर हैं।


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