भेदभाव का एक और उदाहरण, दाढ़ी रखने के जुर्म में एनसीसी कैम्प से निकाले गए 10 मुस्लिम छात्र।

भेदभाव का एक और उदाहरण, दाढ़ी रखने के जुर्म में एनसीसी कैम्प से निकाले गए 10 मुस्लिम छात्र।

'हमने आवेदन दिया था कि हम धार्मिक वजहों से दाढ़ी रखते हैं और हम पिछले दो सालों से अधिक समय से एनसीसी का हिस्सा हैं और हमसे कभी भी दाढ़ी हटाने को नहीं कहा गया........

अबनाः जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के 10 छात्रों को कथित रूप से सिर्फ इसलिए दिल्ली के रोहिणी स्थित एनसीसी मुख्यालय छोड़ने कह दिया गया क्योंकि उनकी दाढ़ी थी। ये स्टूडेंट्स 6 दिन के कैम्प के लिए मुख्यालय पहुंचे थे। उन्हें बटालियन हवलदार मेजर ने 19 दिसंबर को बताया था कि उन्हें अपनी दाढ़ी हटानी होगी।
यूपी के बिजनौर के रहने वाले एलएलबी पहले वर्ष के स्टूडंट दिलशाद अहमद ने कहा, 'हमने आवेदन दिया था कि हम धार्मिक वजहों से दाढ़ी रखते हैं और हम पिछले दो सालों से अधिक समय से एनसीसी का हिस्सा हैं और हमसे कभी भी दाढ़ी हटाने को नहीं कहा गया।' दिलशाद ने आगे बताया, 'कैम्प के छठे दिन हमें जबरन हटने को कह दिया गया और हमारे सामान को हटा दिया गया। हम भी किसी दिन सेना में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन इस तरह का रवैया तकलीफदेह है।


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