आले सऊद में ईरान पर हमला करने का न साहस है और न ही क्षमता।

आले सऊद में ईरान पर हमला करने का न साहस है और न ही क्षमता।

ईरान क्षेत्र में मज़लूम और प्रतिरोधी आंदोलनों का मददगार है और वह मज़लूमेँ और पीड़ितों की सहायता करता रहेगा। यमन पर भी आले सऊद ने इस लिए हमला किया ताकि वह क्षेत्र में ज़ायोनी शासन और अवैध राष्ट्र के विरुद्ध पाए जाने वाले प्रतिरोध को कुचल सकें।

अबनाः विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए हिज़्बुल्लाह लेबनान के जनरल सेक्रेटरी हसन नसरुल्लाह ने कहा कि आले सऊद इतने डरपोक, बुज़दिल और कमज़ोर हैं कि वह ईरान पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकते । हसन नसरुल्लाह ने अपने भाषण में कहा कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद ईरान के महान रहनुमा हज़रत इमाम खुमैनी ने पवित्र रमजान के आखिरी जुमे को विश्व क़ुद्स दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस बार क़ुद्स दिवस इस शहर पर अवैध राष्ट्र के कब्ज़े के ५० वर्ष बीत जाने पर आया है। आज हमारा क्षेत्र कठिन और संवेदनशील स्थिति से गुज़र रहा है । अमेरिका ने क्षेत्र में हुई क्रांति को उनके लक्ष्यों से भटका दिया है ताकि फिलिस्तीन संकट को भुलाया जा सके । आज क्षेत्र के मुख्य संकट और मुद्दे अवैध राष्ट्र की ओर से लोगों का ध्यान बंटाया जा रहा है और उसके बदले ईरान को शत्रु के रूप में पेश किया जा रहा है तथा आतंकी समूहों की सहायता से उसकी शांति और स्वायत्ता के लिए चुनौतियां खड़ी की जा रही हैं लेकिन याद रहे ईरान इन सब मुश्किलों से निकलते हुए और मज़बूती के साथ स्थापित होगा । ईरान क्षेत्र में मज़लूम और प्रतिरोधी आंदोलनों का मददगार है और वह मज़लूमेँ और पीड़ितों की सहायता करता रहेगा। आले सऊद में इतनी हिम्मत नहीं हैं कि वह ईरान के विरुद्ध युद्ध छेड़ने का सोच भी सके वह कमज़ोर और डरपोक हैं वह ईरान पर हमला नहीं कर सकते । हसन नसरुल्लाह ने कहा कि यमन पर भी आले सऊद ने इस लिए हमला किया ताकि वह क्षेत्र में ज़ायोनी शासन और अवैध राष्ट्र के विरुद्ध पाए जाने वाले प्रतिरोध को कुचल सकें।


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