हारने के बाद शत्रु पुनः ईरान के पीछे पड़ गया हैः नस्ररुल्लाह

हारने के बाद शत्रु पुनः ईरान के पीछे पड़ गया हैः नस्ररुल्लाह

सैयद हसन नस्ररुल्लाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बार-बार पराजित होने के बावजूद शत्रु फिर ईरान के पीछे लग गया है।

लेबनान के हिज़बुल्लाह आन्दोलन के महासचिव ने बल देकर कहा है कि ईरान का मुक़ाबला करने के लिए अमरीका, ब्रिटेन और सऊदी अरब पहले से ही तेहरान के विरुद्ध षडयंत्र रचते आए हैं।  उन्होंने कहा कि अब जबकि उनकी सारी योजनाएं विफल हो चुकी हैं, वे फिर ईरान की ओर बढ़ रहे हैं।

सैयद हसन नस्ररुल्लाह ने लेबनान में इस्लामी प्रचारकों को संबोधित करते हुए कहा कि शत्रुओं ने इस्लामी की वैचारिक छवि को बिगाड़ने के उद्देश्य से वाहाबी विचारधारा को प्रसारित किया और उसके व्यवहारिक स्वरूप को नुक़सान पहुंचाने के लिए अलक़ाएदा और दाइश को जन्म दिया।  उन्होंने कहा कि यह काम अमरीका, ब्रिटेन और सऊदी अरब ने मिलकर किया और इस काम पर अरबों डाॅलर ख़र्च किया गया।

हिज़बुल्लाह के महासचिव ने कहा कि यह योजना पूरे क्षेत्र के लिए तैयार की गई थी जो ईश्वर की सहायता और इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता की दूरदर्शिता एवं धैर्य से विफल हो गई।  सैयद हसन रस्ररुल्लाह ने बल देकर कहा कि इस्लाम के शत्रुओं ने प्रतिबंध बढ़ा दिये हैं और वे प्रयास कर रहे हैं कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की छवि को बिगाड़ कर पेश करें।  उन्होंने कहा कि साथ ही अपने दुष्प्रचारों से वे जनता को विरोध प्रदर्शनों के लिए उकसाते हुए नित नई-नई चालें चल रहे हैं।

लेबनान के हिज़बुल्लाह आन्दोलन के महासचिव सैयद हसन नस्ररुल्लाह ने लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि हिज़बुल्लाह अब भी प्रतिरोध का एक मुख्य स्तंभ है क्योंकि उसकी जड़ें जनता में हैं।  


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