भारत की चाबहार बंदरगाह के विकास में ईरान के साथ सहयोग जारी रखने पर ताकीद।

भारत की चाबहार बंदरगाह के विकास में ईरान के साथ सहयोग जारी रखने पर ताकीद।

भारत के वाणिज्य मंत्रालय की एक अधिकरी ने क्षेत्र के विकास में ईरान की चाबहार बंदरगाह की अहमियत की ओर इशारा करते हुए कहा है कि कुछ देशों के राजनैतिक फ़ैसले का भारत के इस अहम बंदरगाह को विकसित करने के संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ेगा.......

अबनाः भारत के वाणिज्य मंत्रालय की एक अधिकरी ने क्षेत्र के विकास में ईरान की चाबहार बंदरगाह की अहमियत की ओर इशारा करते हुए कहा है कि कुछ देशों के राजनैतिक फ़ैसले का भारत के इस अहम बंदरगाह को विकसित करने के संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इरना के अनुसार, भारत के वाणिज्य मंत्रालय में व्यापार विस्तार परिषद की प्रमुख वीना शर्मा ने कहा कि अमरीकी धमकियों और पाबंदियों के नए चरण के लागू होने के बावजूद चाबहार बंदरगाह में ईरान-भारत के बीच समुद्री परिवहन के क्षेत्र मे सहयोग जारी रहेगा।
उन्होंने अमरीकी दबाव के बावजूद भारत के चाबहार बंदरगाह में पूंजिनिवेश जारी रखने के इरादे की ओर इशारा करते हुए बल दिया कि भारत अपने हितों की रक्षा के लिए हर अवसर से लाभ उठाएगा।
इससे पहले भारत के सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उम्मीद जतायी थी कि अमरीका के दबाव के बावजूद नई दिल्ली सरकार 2019 तक चाबहार बंदरगाह में अपने आर्थिक कार्यक्रम को लागू कर ले जाएगा।
उन्होंने हिन्द महासागर के तटवर्ती देशों के लिए चाबहार बंदरगाह को विश्व मंडी तक पहुंचने के लिए सबसे सस्ती, अच्छी व कम ख़र्चीली बंदरगाह बताया था जिससे पड़ोसी देशों के विकास में भी मदद मिलेगी।
कुछ समय पहले भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के अवसर पर बल दिया था कि उनका देश चाबहार बंदरगाह सहित क्षेत्रीय विकास की परियोजनाओं में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेगा।
भारत ने चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए 50 करोड़ डॉलर के निवेश का वचन दिया है।


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