इंक़ेलाब ज़िंदा है, सुप्रीम लीडर पर हमें गर्व हैः सैयद अली ख़ुमैनी

इंक़ेलाब ज़िंदा है, सुप्रीम लीडर पर हमें गर्व हैः सैयद अली ख़ुमैनी

मेरा मानना है कि अगर आयतुल्लाह ख़ामेनई ना होते तो कोई दूसरा इंसान इस समय की मांग को पूरी तरह से अदा ना कर पाता।

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबनाः प्राप्त सूत्रों के अनुसार इमाम ख़ुमैनी के पोते सैयद अली ख़ुमैनी ने इमाम खुमैनी की देश वापसी की 39 वी वर्षगांठ पर होने वाले समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हमें इस समय अपने हालात का जायज़ा लेना चाहिए कि हम आज कहां खड़े हैं, और हमें कहां होना चाहिए था।
सैयद अली खुमैनी रहमतुल्लाह ने कहा कि इंक़ेलाब ज़िंदा है, और इसकी सबसे बड़ी दलील यह है कि शुरुआती इंक़ेलाब में लोग जो चाहते थे आज भी वही चाहते हैं।
उन्होंने इंक़ेलाब इस्लामी की विशेषता बताते हुए कहा कि आज हम एक आज़ाद देश में जीवन व्यतीत कर रहे हैं जिनका फ्यूचर भी उन्हीं के हाथ में है। अब साम्राजयवादी शक्तियां हमारे मामलात में दख़ल अंदाज़ी करने की हिम्मत भी नहीं कर सकतीं, क्योंकि हमने अपनी आज़ादी का परवाना इस्लाम से लिया है।
सैयद अली खुमैनी ने रहबर की पैरवी और उनके सहयोग पर ज़ोर देते हुए कहा कि वली ए फ़क़ीह एक आदिल और बा तक़वा मरजए तक़लीद है कि जो सरकारी मामलात भी देखता है, और जो लोग वली ए फ़क़ीह की प्रणाली को अभी तक नहीं समझ पाए हैं वही लोग इस्लाम की आलोचना करते हैं।  वली ए फ़क़ीह इस्लाम का क़ानून है, हमारा गर्व है और हम अपने लीडर पर गर्व करते हैं कि जिन्होंने इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह के इस दुनिया से जाने के बाद राष्ट्र को आगे बढ़ाया।
मेरा मानना है कि अगर आयतुल्लाह ख़ामेनई ना होते तो कोई दूसरा इंसान इस समय की मांग को पूरी तरह से अदा ना कर पाता।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

Quds cartoon 2018
सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज संदेश
پیام امام خامنه ای به مسلمانان جهان به مناسبت حج 2016
We are All Zakzaky