अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा

बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित करना, इस्राईल के अंत की शुरूआत।

बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित करना, इस्राईल के अंत की शुरूआत।

अमेरिका की ईरान के साथ शत्रुता का असली कारण ईरान की ओर से फ़िलिस्तीन और बैतुल मुक़द्दस का भरपूर सहयोग है.................

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबनाः प्राप्त सूत्रों के अनुसार सैयद हसन नसरुल्लाह ने अलमयादीन टीवी के साथ बातचीत में कहा कि ईरान में कुछ शरारती तत्वो द्वारा होने वाले दंगों की वजह से ईरानियों में आपसी एकता में भारी वृद्धि देखने में आई है और नकाब के पीछे छिपे दुश्मन के घिनौने चेहरे सामने आ गए। जबकि ईरानी सरकार को आंतरिक समस्याओं पर अधिक ध्यान देने का मौक़ा भी मिला है।
पिछले दिनों ईरान के कुछ शहरों में होने वाले दंगों का कोई असर नहीं हुआ क्योंकि ईरान और इस्लामी प्रतिरोध दोनों ही मज़बूत हैं और दोनों एक दूसरे के साथ खड़े हैं। और दोनों अमेरिका, इस्राईल और सऊदी अरब की आंखों में कांटे की तरह चुभ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित करके इस्राइल का खात्मा कर दिया है।
अतः अमेरिका और इस्राईल की साज़िशों का मुक़ाबला सिर्फ़ इस्लामी प्रतिरोध द्वारा ही सम्भव है।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ शत्रुता का असली कारण ईरान की ओर से फ़िलिस्तीन और बैतुल मुक़द्दस का भरपूर सहयोग है। उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीनी जनता और दुनिया भर के मुसलमान बैतुलमुक़द्दस के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति के फै़सले को क़ुबूल नहीं करेंगे और हम हमेशा के लिए बैतुल मुक़द्दस को फ़िलिस्तीन की राजधानी समझते हैं।
 


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