अमरीका, वचन तोड़ने वाला देश हैः ज़रीफ़

अमरीका, वचन तोड़ने वाला देश हैः ज़रीफ़

विदेश मंत्री ने कहा है कि अमरीका के साथ कोई भी वार्ता नए सिरे से शुरू नहीं हो सकती बल्कि इसका आधार परमाणु समझौता होना चाहिए।

मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अमरीकी पत्रिका न्यूयाॅर्कर से बात करते हुए कहा कि ईरान, अमरीका के साथ नए सिरे से बात नहीं कर सकता। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समझौतों व संधियों के पालन को वैश्विक समझौतों का आधार बताया और कहा कि अमरीका के साथ किसी भी तरह की वार्ता के लिए विश्वास पहली शर्त है। विदेश मंत्री ज़रीफ़ ने कहा कि ईरान, अमरीका के रवैये में सच्चाई दिखाई देने की प्रतीक्षा कर रहा है।

 

ज्ञात रहे कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने आठ मई को एकपक्षीय रूप से अमरीका को परमाणु समझौते से बाहर निकाल लिया था जिसकी  अमरीका के भीतर और बाहर कड़ी आलोचना की गई है। परमाणु समझौता एक बहुपक्षीय समझौता है जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव के माध्यम से स्वीकृति दी है। इस उल्लंघन के बावजूद अमरीकी राष्ट्रपति ने जनमत को धोखा देने के लिए हाल ही में कहा है कि अमरीका, एक नए समझौते के लिए ईरान के साथ वार्ता करने को तैयार है।

 

ईरानी विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि ट्रम्प एेसी स्थिति में वार्ता का प्रस्ताव दे रहे हें जब अमरीकी सरकार बिना किसी कारण के और सभी अंतर्राष्ट्रीय नियमों के ख़िलाफ़ परमाणु समझौते से निकल गई और उसने पुनः अन्यायपूर्ण प्रतिबंध ईरानी जनता पर थोप दिए हैं।


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