अगर ईरान का संघर्ष न होता , दाइश युरोप तक पहुंच चुका होता, ईरानी सांसद

अगर ईरान का संघर्ष न होता , दाइश युरोप तक पहुंच चुका होता, ईरानी सांसद

इस्लामी गणतंत्र ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रमुख ने बल दिया है कि अगर सीरिया और इराक़ में आतंकवादियों के सामने ईरान का प्रतिरोध न होता तो आज दाइश युरोप की सीमा पर दस्तक दे रहा होता।

हशमतुल्लाह फलाहत पीशा ने सोमवार को तेहरान में 26 युरोपीय देशों के राजदूतों के साथ एक बैठक में कहा कि ईरान क्षेत्र में साथ चलने वाला एक देश है। 

उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान और युरोपीय संघ के सदस्य देश खतरनाक परिस्थितियों में हैं, कहा कि दोनों पक्षों को अपनी सहकारिता बढ़ाना चाहिए। 

याद रहे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मई 2018 में जेसीपीओए से निकलने का एलान करते हुए ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लागू कर दिये हैं। 

युरोपीय संघ ने ईरान के साथ काम करने वाली कंपनियों को अमरीकी प्रतिबंधों से सुरक्षित रखने के लिए  आर्थिक लेन-देन की एक नयी व्यवस्था पेश की है।


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