कर्बला, इश्क़ो मोहब्बत की सरज़मीन।

कर्बला, इश्क़ो मोहब्बत की सरज़मीन।

यह दर्सगाहे हुसैनी इंसान को की जिंदगी को जीने का एक नवीन एवं सच्चा रास्ता दिखाती है, एवं आदर्श प्रदान करती है।

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना : प्राप्त सूत्रों के अनुसार हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम के अवसर पर अज़ीमुश्शान मार्च में जिस इंसान के जितनी भी शक्ति थी वह उसी शान से हाज़िर हुआ। कोई अपनी व्हीलचेयर से आया तो कोई बीमार बच्चे को अपनी पीठ पर उठा कर कर्बला ले गया। छोटे छोटे बच्चों ने अपने नन्हे क़दमों से इस मार्च में शिरकत की। इस मार्च में इंसान अजीबोग़रीब हालात के रूबरू होता है। यह सर ज़मीन ए इश्क़ो मोहब्बत है, और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के इश्क़ ओ मोहब्बत ने ज़ायरीन के उठने वाले हर क़दम को बा मक़सद बना दिया है। यह वो रास्ता है जहां बंदगी, जिंदगी, मेहरबानी, दया, वफ़ा और फ़िदाकारी की प्रेक्टिस की जा सकती है। अरबईने हुसैन अलै. एक दर्सगाह है, और ऐसी जगह है जहां बहुत सारी चीजे़ं सीखने को मिलती हैं। यह दर्सगाहे हुसैनी  इंसान को की जिंदगी को जीने का एक नवीन एवं सच्चा रास्ता दिखाती है, एवं आदर्श प्रदान करती है। इस वर्ष अरबईन 2017 में दो करोड़ 70 लाख इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आशिकों ने कर्बला पहुंचकर अरबईने हुसैनी में शिरकत की।
 


सम्बंधित लेख

अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

Arba'een
आशूरा: सृष्टि का राज़
सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज संदेश
We are All Zakzaky