अमेरिका ने सीरिया में फास्फोरस युक्त बमों का प्रयोग किया है" रूस

अमेरिका ने सीरिया में फास्फोरस युक्त बमों का प्रयोग किया है

रूस में विदेशी मामलों की समिति के प्रमुख कोन्सतानतिन कोस्चावोफ़ ने कहा है कि मॉस्को संयुक्त राष्ट्रसंघ और रासायनिक हथियार अप्रसार संगठन का आह्वान करता है कि वे सीरिया में अमेरिका द्वारा फास्फोरस युक्त बमों के प्रयोग के संबंध में जांच करायें।

सीरिया में अशांति उत्पन्न हो जाने और आंतरिक युद्ध छिड़ जाने के बाद अमेरिका ने सीरिया की कानूनी सरकार का तख्ता पलटने के लिए किसी प्रकार के प्रयास में संकोच से काम नहीं लिया और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उसने अपने पश्चिमी और अरब घटकों से सहायता ली यहां कि उसने आतंकवादी गुटों का व्यापक समर्थन भी किया और कर रहा है।

यही नहीं आतंकवादी गुट दाइश से मुकाबले के बहाने वर्ष 2014 में उसने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी गठबंधन बनाया और सीरिया में उसने कार्यवाही आरंभ कर दी । इस गठबंधन ने अब तक सीरिया में दर्जनों बार आम नागरिकों पर हमले किये हैं जिसमें सैकड़ों आम नागरिक हताहत व घायल हो चुके हैं।

प्राप्त रिपोर्टें इस बात की सूचक हैं कि अमेरिका की अगुवाई में तथाकथित आतंकवाद विरोधी गठबंधन ने अभी हाल में सीरिया में जो हमला किया है उसमें उसने प्रतिबंधित फास्फोरस युक्त बमों का प्रयोग किया है।

समाचारिक सूत्रों ने सूचना दी है कि अमेरिकी गठबंधन ने शनिवार को दैरूज़्ज़ूर प्रांत के हजीन नगर पर जो हमला किया था उसमें फास्फोरस युक्त बमों का प्रयोग किया था। यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका की अगुवाई में काम करने वाला गठबंधन फास्फोरस युक्त बमों का प्रयोग कर रहा है।

पिछले महीने भी इस गठबंधन ने दैरूज़्ज़ूर के पूरब में फास्फोरस युक्त बमों का प्रयोग किया था जिसमें कई आम नागरिक हताहत व घायल हुए थे।

इन ग़ैर कानूनी और अमानवीय हमलों पर रूस ने कड़ी आपत्ति जताई है। रूस में विदेशी मामलों की समिति के प्रमुख कोन्सतानतिन कोस्चावोफ़ ने कहा है कि मॉस्को संयुक्त राष्ट्रसंघ और रासायनिक हथियार अप्रसार संगठन का आह्वान करता है कि वे सीरिया में अमेरिका द्वारा फास्फोरस युक्त बमों के प्रयोग के संबंध में जांच करायें।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि रासायनिक हथियार अप्रसार संगठन को चाहिये कि वह जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करे ताकि सीरिया में अमेरिकी क्रिया- कलापों की वास्तविकता सामने आ सके।

पश्चिमी देशों विशेषकर अमेरिका के अनुसार प्रतिबंधित और अमानवीय हथियारों के प्रयोग की कोई सीमा नहीं है और प्रतीत यह हो रहा है कि जो चीज़ अमेरिका और उसके घटकों के लिए महत्वपूर्ण नहीं है वह निर्दोष इंसानों की जान है जो अमेरिकी अगुवाई में बने गठबंधन के हमलों में हताहत व घायल होते- रहते हैं और रोचक बात यह है कि सीरियाई सरकार बारमबार राष्ट्रसंघ से अमेरिकी हमलों को रोकवाने की मांग कर चुकी है।

बहरहाल जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका की अगुवाई में होने वाले अधिकांश हमलों का लक्ष्य आतंकवादी गुटों का समर्थन और बश्शार असद की कानूनी सरकार को कमज़ोर करना है।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज संदेश
We are All Zakzaky