अमरीका के प्रतिबंधों और शत्रुतापूर्ण नीतियों से निपटने के लिए तेहरान और मास्को की सहमति

अमरीका के प्रतिबंधों और शत्रुतापूर्ण नीतियों से निपटने के लिए तेहरान और मास्को की सहमति

ईरान और रूस दोनों ही देशों को अमरीका के प्रतिबंधों का सामना है। ईरान तो पिछले चालीस साल से अमरीका के प्रतिबंधों से निपटता आ रहा है लेकिन वर्तमान समय एसा है कि जिसमें दुनिया के कई देश अमरीकी प्रतिबंधों के निशाने पर हैं।

इस बीच ईरान और रूस के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों का विस्तार किया जा रहा है जिसका एक पहलू यह भी है कि अमरीकी प्रतिबंधों को नाकाम बनाया जाए।

रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि तेहरान में रूस के विदेश उपमंत्री सर्गेई रियाबकोफ़ और ईरान के विदेश उपमंत्री अब्बास इराक़ची के बीच वार्ता में इस बात पर सहमति हुई कि अमरीका के प्रतिबंधों का सामना करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार की प्रक्रिया को ठोस बुनियादों पर आगे बढ़ाया जाएगा।

रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार वार्ता में रूसी पक्ष ने कहा कि मास्को परमाणु समझौते पर प्रतिबद्ध रहेगा क्योंकि परमाणु समझौते की पूरी प्रतिबद्धता का रहा है। बिजलीघर निर्माण, पर्यटन, परिवहन, जहाज़रानी सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग हो रहा है। दोनों देश संयुक्त व्यापार युनियन बनाने पर भी विचार कर रहे हैं।

सोमवार को दोनों देशों के बीच जो सहमति हुई है वह ईरान और रूस के बीच रणनैतिक सहयोग और राजनैतिक व आर्थिक समन्वय को सुनिश्चित करती है।

रूसी मामलों के विशेषज्ञ अब्दुर्रसूल दीवसालार का कहना है कि अमरीका और कुछ यूरोपीय देशों की चुनौतीपूर्ण नीतियों के कारण ईरान और रूस एक दूसरे से और भी क़रीब हुए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ मुर्तज़ा ख़्वानसारी का कहना है कि ईरान और रूस के पास तेल और गैस के बड़े भंडार हैं अतः विश्व स्तर पर ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों ही देशों की स्थिति बहुत मज़बूत है और ऊर्जा की सुरक्षा के संबंध में दोनों देशों की नीतियां प्रभावी हैं।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने गत शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लामीर पुतीन से मुलाक़ात में कहा कि अमरीका की ओर से ईरान, रूस और तुर्की पर प्रतिबंध तीनों देशों को एक संयुक्त बिंदु पर एकत्रित करता है और यह सहयोग का बड़ा ठोस बिंदु है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान और रूस को चाहिए कि राजनैतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ साथ तेहरान बैठक में होने वाले समझौतों को पूरी गंभीरता से व्यवहारिक बनाने के लिए काम करें। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दोनों देशों का लेनदेन डालर से हटकर होना चाहिए।

रूसी राष्ट्रपति पुतीन ने कहा कि वित्तीय लेनदेन में रुकावट डालकर अमरीकी बहुत बड़ी ग़लती कर रहे हैं क्योंकि वह एक लघुकालिक राजनैतिक सफलता के बदले अंतर्राष्ट्रीय वातावरण में डालर की विश्वसनीयता समाप्त को बट्टा लगा रहे हैं।

इन सारी बातों से यह पता चलता है कि राजनैतिक समन्वय बढ़ने के साथ ही आर्थिक क्षेत्र में भी ईरान और रूस के रिश्ते बढ़े हैं।


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