• आले सऊद का फैमिली बैकग्राउंड।

    मर्दखाई की संतानों में से एक बेटे का नाम अल-मकारन था अल-मकारन के यहां पहला बेटा पैदा हुआ जिसका नाम मोहम्मद रखा गया था मोहम्मद के बाद अल-मकारन के यहां उसके दूसरे बेटे ने जन्म लिया जिसका नाम सऊद रखा गया।

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  • वहाबियत का संक्षिप्त परिचय।

    वहाबी विचारधारा का प्रचार पूरी तरह से 698 हिजरी में सीरिया में इब्ने तैमिया के माध्यम से अक़ीदों और धार्मिक विश्वास में भारी विचलन और इस्लामी समुदायों के कुफ्र व शिर्क की अभिपुष्टि के आधार पर शुरू हुआ जिसे अहले सुन्नत और शिया उलमा के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इब्ने

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  • वहाबियत एक नासूर

    पाक मज़ारों के विध्वंस के पीछे जो उद्देश्य हैं उनमें दो लक्ष्य बहुत महत्वपूर्ण हैं: 1. इस्लाम के इतिहास से जुड़ी सभी निशानियों को मिटा देना और इस्लाम को एक मिथक धर्म बनाकर पेश करना 2. वह हस्तियां जिनके यह मज़ार हैं और अन्य ऐतिहासिक स्थल जिनके नाम से नामित हैं, लोगों के दिल और दिमाग से उनकी याद को मिटाना ताकि वह दुनिया के सामने उदाहरण न बन सकें। लेकिन उन्हें नहीं पता कि अल्लाह के नूर को मिटाना सम्भव नहीं है।

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  • वहाबी टोले के बारे में पैग़म्बर (स.) की भविष्यवाणी

    हज़रत पैग़म्बरे इस्लाम स. ने फ़रमाया: ऐ अल्लाह हमारे देश शाम (सीरिया) को हमारे लिए मुबारक बना, हमारे लिए यमन को मुबारक बना, सहाबा ने पूछा और हमारे नज्द (सऊदी) को? हज़रत ने फिर यही दोहराया: ऐ अल्लाह हमारे देश शाम (सीरिया) को हमारे लिए मुबारक बना, हमारे लिए यमन को मुबारक बना। सहाबा ने फिर नज्द के बारे में सवाल किया? अब्दुल्लाह इब्ने उमर कहते हैं मुझे लगता है कि तीसरी बार हज़रत ने फ़रमाया: वहाँ भूकंप और विद्रोह होगा और वहीं से शैतान के सींग प्रकट होंगे।

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  • वहाबियत, वास्तविकता व इतिहास

    वहाबियत की आधारशिला रखने वाले इब्ने तैमिया ने अपने पूरे जीवन में बहुत सी किताबें लिखीं और अपनी आस्थाओं का अपनी रचनाओं में उल्लेख किया है। उन्होंने ऐसे अनेक फ़त्वे दिए जो उनसे पहले के किसी भी मुसलमान धर्मगुरुओं ने नहीं दिए विशेष रूप से ईश्वर के बारे में........

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پیام امام خامنه ای به مسلمانان جهان به مناسبت حج 2016
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