• हिकमत क्या है?

    वह जिस को भी चाहता है , हिकमत प्रदान कर देता है , और जिस को हिकमत प्रदान कर दी जाए , उस को मानो बहुत सी ख़ैर प्रदान कर दी गई हो , और इस बात को बुद्धि वाले लोगों के अतिरिक्त कोई और नहीं समझता है ।

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  • ख़ुदा का भय

    बेशक , जिन लोगों को इस से पूर्व ज्ञान दे दिया गया है , जब उन पर आयात का पाठ किया जाता है , तो वे मुंह के बल सजदे में गिर पड़ते हैं , और कहते हैं , कि हमारा रब बड़ा ही पाक व पाकीज़ा है । उस का वादा निश्चित रूप से पूरा हो कर रहेगा , और वे मुंह के बल गिर कर रोते हैं , जिस से उन के ख़ुशू व ख़ुज़ू में वृद्धि होती जाती है

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  • तफ़्सीरः

    बक़रा-3 आयत नं 7 से आयत नं 9 तक

    अल्लाह ने उनके हृदय तथा कानों पर मुहर लगा दी है, उनकी आंखों पर पर्दा डाल दिया है तथा उनके लिए एक बड़ा दण्ड निर्धारित किया है। .....

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  • बक़रा-२ आयत नं 3 से आयत नं 6 तक

    पवित्र क़ुरआन ने जीवन तथा संसार को दो भागों में विभाजित किया है। एक वह भाग है जो अदृश्य तथा अज्ञेय है जिसका हमारी इन्द्रियां आभास तक नहीं कर सकतीं हैं तथा दूसरा वह भाग है जो भौतिक संसार है जिसका इन्द्रियों द्वारा आभास किया जाता है।

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  • सूरए बक़रह-1 आयत नं 1 से आयत नं 2 तक

    ईश्वरीय ग्रंथ क़ुरआने मजीद क दूसरे सूरे का नाम है सूरए बक़रह। बक़रह शब्द का अर्थ होता है गाय। बनी इस्राईल की गाय की कथा के कारण इस सूरे का नाम बक़रह पड़ा। सूरए बक़रह का आरंभ ऐसे अक्षरों से होता है जिनका विशेष अनुक्रम है तथा वे मनुष्य का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करते हैं।

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  • पवित्र क़ुरआन और धर्मांधियों का क्रोध

    पवित्र क़ुरआन, पैग़म्बरे इस्लाम (स) का अमर चमत्कार और कभी समाप्त न होने वाले उच्च ज्ञान तथा तत्वदर्शिता का भण्डार है। यह ईश्वरीय पुस्तक उचित तथा अनुचित विचारों और व्यवहारों का मानदंड है।

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सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज संदेश
आशूरा: सृष्टि का राज़
پیام امام خامنه ای به مسلمانان جهان به مناسبت حج 2016
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