28 सफ़रः

28 सफ़र दो महान हस्तियों के ग़म मनाने का दिन

  • News Code : 380772
  • Source : विलायत डाट इन
इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शहादत और अल्लाह के भेजे हुए आख़री नबी यानि उनके नाना पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम के इस दुनिया से कूच करने की तारीख़ एक ही है।

इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शहादत और अल्लाह के भेजे हुए आख़री नबी यानि उनके नाना पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम के इस दुनिया से कूच करने की तारीख़ एक ही है।हर साल २८ सफ़र को मुसलमान अल्लाह तआला के आख़री पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम के इस दुनिया से कूच कर जाने की दुखद याद मनाते हैं और इसी दिन इमाम हसन अलैहिस्सलाम की भी शहादत हुई है। एक ही दिन इन दोनों महान हस्तियों की अल्लाह तआला की तरफ़ वापसी, अपने पाक अहलेबैत अ. तथा अपने बाद के इलाही इमामों और मार्गदर्शकों के साथ पैग़म्बरे इस्लाम (स) की बहुत ज़्यादा क़ुरबत व निकटता को बयान करती है। उनके बीच यह अटूट निकटता इस हद तक है कि पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. ने अपने पाक अहलेबैत अ. के साथ दोस्ती और उनके अनुसरण को अपनी नुबूव्वत का अज्र व प्रतिफल बताया है। पाक क़ुरआन सूरए शूरा की आयत नं २३ में कहता है कि ऐ पैग़म्बर, कह दो कि मैं अपनी रिसालत के बदले अपने अहलेबैत अ. से दोस्ती के अतिरिक्त तुमसे कुछ नहीं चाहता। इमाम हसन अलैहिस्सलाम पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. के पहले नवासे और हज़रत अली अ. और हज़रत फ़ातेमा अ. के बेटे थे। जब इमाम हसन अलैहिस्सलाम का जन्म हुआ तो पैग़म्बरे इस्लाम बड़ी ही ख़ुशी की हालत में अपनी बेटी हज़रत फ़ातेमा के घर गए और उन्होंने नवजात बच्चे का नाम हसन रखा। वह अपने नवासे हसन से बहुत मुहब्बत करते थे। पैग़म्बरे इस्लाम, इमाम हसन को अपना बेटा तथा अपने दिल का टुकड़े कहते थे और हर जगह पर इमाम हसन अ. को अपने साथ रखते थे। वह उन्हें अपने साथ मस्जिद ले जाते तथा विभिन्न प्रोग्रामों और उत्सवों में भी इमाम हसन अ. को वह अपने साथ ही रखते। पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. कहा करते थे कि हसन अ. एक ख़ुशबूदार फूल है जिसे मैंने इस दुनिया से चुना है। इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने अपना बचपन पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. की छाया में गुज़ारा और उनके अख़लाक़ से प्रभावित हुए तथा उन्हीं की देखरेख में उनकी ट्रेनिंग हुई।.........166


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सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज संदेश
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